तेरा साथ
उस राह की मन्जिल ना हो, जिस राह में तेरा साथ हो
तुझे याद करते टूट जायें, ज़िन्दगी की साँस हो
याद आती हैं बहुत, तुझसे मिलन की बारिशें
लौट आयें चार पल फिर, इतनी सी हैं ख्वाहिशें
हर बार यूँ मुलाकात हो, हर रात में बरसात हो
उस राह की मन्जिल ना हो, जिस राह में तेरा साथ हो
टूट ना जाये ये सपना, खत्म ना ये रात हो
कल्पनाओं में ना जाने, तुझसे कितनी बात हो
ज़िन्दगी कुर्बान मेरे, साथी जो तू उदास हो
उस राह की मन्जिल ना हो, जिस राह में तेरा साथ हो
बीत जायेगा ये जीवन, बस तेरी ही याद में
मुस्कुराती तू रहे, माँगें यही फ़रियाद में
एक पल को भी ना कोई, गम ना तेरे पास हो
उस राह की मन्जिल ना हो, जिस राह में तेरा साथ हो
टिमटिमाती लौ की भाँति, बुझ रहा था ये दीया
चन्द लम्हों ने तुम्हारे, प्राण इसमें भर दिया
वो ज़िन्दगी नहीं ज़िन्दगी ना, प्यार का एहसास हो
उस राह की मन्जिल ना हो, जिस राह में तेरा साथ हो
वो जन्म भी होगा कभी, जिस जन्म में तुम्हे पाएँगे
एक पल को ही सही, हम भी तुम्हे याद आएँगे
देखने की बात करने की बुझेगी प्यास हो
उस राह की मन्जिल ना हो, जिस राह में तेरा साथ हो
भावनायें ले रही हैं, रूप सुन्दर गान का
प्रेम अतिशय ले के मन, मन्दिर बना भगवान का
गीत मेरे प्यार के, गाएँ जमीं आकाश हो
उस राह की मन्जिल ना हो, जिस राह में तेरा साथ हो
तुझे याद करते टूट जायें, ज़िन्दगी की साँस हो