स्वागत गान



गीत मालिकाओं से, नंदन करता अभिनंदन



धवल किरणें चंद्रमा की, देखें थी रस्ता तेरा

भोर की वेला सुनहरी, कर रही स्वागत तेरा

आने से तेरे हमारा, खिल उठा मन बन सुमन



गीत मालिकाओं से, नंदन करता अभिनंदन



सरित, निर्झर, ताल पोखर, नाद कल-कल कर रहे

पंछियों के मधुर कलरव, स्वर लहरियाँ भर रहे

झूमते बन - बाग - उपवन, गा रही शीतल पवन



गीत मालिकाओं से, नंदन करता अभिनंदन