Ganeshotsav in Shantiniketan
अभिनन्दन है , अभिनन्दन
गणराया का अभिनन्दन
दुःख हर्ता का अभिनन्दन
सुख कर्ता का अभिनन्दन
जाने कब से राह देखती , आँखें लिए एक आशा
शांति निकेतन के जन-जन की , पूरी हुई अभिलाषा
हे लम्बोदर , एकदन्त तेरा , दर्शन है मनभावन
अभिनन्दन है ... ...
शांति निकेतन में चहुँ ओर है , उत्सव की तैयारी
सज गए सारे द्वार औ गलियाँ, सजे हैं नर नारी
तोरण, वन्दनवारों से लगे , देवलोक सा पावन
अभिनन्दन है ... ...
तेरी कृपा से जन -जन में प्रभु , हँसी ख़ुशी भर जाए
रोग शोक का नाम रहे ना , घर घर मंगल छाये
भक्ति प्रेम के सागर में , डूबे शान्ति निकेतन
अभिनन्दन है ... ...